राहु :- यह एक छायाँ ग्रह है तथा दक्षिण- पशिचम दिशा का स्वामी है। कृष्ण वर्ण तथा पाप ग्रह और वायु तत्व प्रधान, तीक्ष्ण बुद्धि ग्रह है । राहु दादा का कारक, कठोर वाणी, विदेश यात्रा, गुप्त धन का घोतक व मिथुन राशि में उच्च, कन्या राशि स्वराशि तथा धनु राशि में नीच है । भूत बाधा,शराब, विज्ञानं, जासूसी आकसिमक घटना का कारक, वैधव्य व नील-वस्त्र आदि भी जानने जाते है ।

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